इस महान् गृहस्थ-योगी गुरु का पूर्ण संतुलित जीवन हजारों नर-नारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।
— परमहंस योगानन्द
परमहंस योगानन्दजी के परमगुरु, लाहिड़ी महाशय सभी वाईएसएस/एसआरएफ़ भक्तों के लिए एक योगावतार (“योग के अवतार”) के रूप में पूजनीय हैं, जिनकी आधुनिक विश्व को क्रियायोग से परिचित कराने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रही है। 30 सितम्बर, 1828 को जन्मे लाहिड़ी महाशय ने अपनी महासमाधि में प्रवेश कर — जो कि अंतिम ध्यान, या ईश्वर के साथ सचेत रूप से एकाकार होना है, जिसके द्वारा एक सिद्ध महापुरुष स्वयं को ब्रह्माण्डीय ओम् में विलीन कर लेते हैं और भौतिक शरीर का त्याग कर देते हैं — 26 सितम्बर, 1895 को इस संसार का त्याग किया।
वाईएसएस के संन्यासी सितम्बर 2026 में लाहिड़ी महाशय की महासमाधि एवं आविर्भाव दिवस के अवसर पर उनके प्रति श्रद्धांजलि स्वरुप दो विशेष ऑनलाइन ध्यान-सत्रों का संचालन करेंगे :
- शनिवार, 26 सितम्बर : लाहिड़ी महाशय महासमाधि दिवस विशेष ध्यान
- बुधवार, 30 सितम्बर : लाहिड़ी महाशय आविर्भाव दिवस विशेष ध्यान
लाहिड़ी महाशय महासमाधि दिवस
विशेष ध्यान
शनिवार, 26 सितम्बर, 2026
सुबह 6:30 – 8:00 (भारतीय समयानुसार)
26 सितम्बर 1895 को, इस महान् गुरु ने महासमाधि ली, जो कि एक ईश्वर-साक्षात्कारी योगी का शरीर से अंतिम सचेत प्रस्थान है। इस दिन की पुण्य स्मृति में, हम वाईएसएस संन्यासी द्वारा संचालित ऑनलाइन ध्यान में शामिल होने के लिए आपको आमंत्रित करते हैं।
यह कार्यक्रम एक प्रारंभिक प्रार्थना के साथ शुरू होगा, जिसके बाद पठन, चैंटिंग और कुछ समय के लिए ध्यान किया जाएगा। इसका समापन परमहंस योगानन्दजी की आरोग्यकारी प्रविधि के अभ्यास और प्रार्थना के साथ होगा।
कृपया ध्यान दें : यह कार्यक्रम रविवार, 27 सितम्बर, रात 10 बजे (भारतीय समयानुसार) तक देखने के लिए उपलब्ध रहेगा।
लाहिड़ी महाशय आविर्भाव दिवस
विशेष ध्यान
बुधवार, 30 सितम्बर, 2026
सुबह 6:30 – 8:00 (भारतीय समयानुसार))
वाईएसएस संन्यासी 30 सितम्बर को इस महान् योगावतार के आविर्भाव दिवस (जन्मोत्सव) पर एक विशेष ऑनलाइन ध्यान का संचालन करेंगे। कार्यक्रम का आरंभ एक प्रारंभिक प्रार्थना के साथ होगा, उसके पश्चात् पठन, चैंटिंग और ध्यान के सत्र होंगे। इसका समापन परमहंस योगानन्दजी की आरोग्यकारी प्रविधि के अभ्यास तथा प्रार्थना के साथ होगा।
कृपया ध्यान दें : यह कार्यक्रम गुरुवार, 1 अक्टूबर, दोपहर 10 (भारतीय समयानुसार) बजे तक देखने के लिए उपलब्ध रहेगा।
प्रत्यक्ष कार्यक्रम
इन विशेष अवसरों पर, वाईएसएस आश्रमों, केन्द्रों और मंडलियों में भी प्रत्यक्ष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के बारे में अधिक जानने और भाग लेने के लिए, कृपया अपने निकटतम ध्यान केन्द्र से संपर्क करें।
दान करें
इन विशेष दिनों पर यदि आप कोई भेंट अर्पित करना चाहते हैं, तो आप हमारी वेबसाइट पर जाकर नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से ऐसा कर सकते हैं। आपका योगदान न केवल हमें विभिन्न लोकोपकारी गतिविधियाँ संचालित करने में सहायता करता है, बल्कि महान् गुरु के प्रति आपके शाश्वत प्रेम और अटल भक्ति को भी अभिव्यक्त करता है।
















